Thursday, October 31, 2013

क्या विवाह के समय श्री राम चन्द्र जी की आयु 15 वर्ष और सीता जी की आयु 6 वर्ष थी?

ram breakaing dhanush



कुछ काल से श्री राम और सीता की विवाह के समय आयु पर एक शंका उठाई जाती रही हैं की क्या विवाह के समय श्री राम चन्द्र जी की आयु 15 वर्ष और सीता जी की आयु 6 वर्ष थी?

इस शंका को उठाने वालों में मुख्य रूप से वो लोग हैं जो मुहम्मद साहिब और आयशा के विवाह के समय आयशा की आयु जो उस समय केवल मात्र 6 वर्ष थी को सही मानने का प्रयास करते हैं।

हमारा उद्देश्य इस लेख में इस शंका का समाधान करना हैं की वास्तव में क्या विवाह के समय श्री राम चन्द्र जी की आयु 15 वर्ष और सीता जी की आयु 6 वर्ष थी?

प्रथम तो सीता जी की विवाह के समय 6 वर्ष आयु मानने का कारण वाल्मीकि रामायण में दिया गया एक श्लोक हैं जिसे अरण्य कांड 47/4,10 में सीता रावण को अपना परिचय देते हुए कहती हैं की मेरी आयु इस समय 18 वर्ष हैं , मैं 12 वर्ष ससुराल में रहकर, समस्त भोगों का उपभोग करके मैं राम-लक्ष्मण के साथ वन में आई हूँ। अर्थात विवाह के समय सीता जी की आयु केवल 18-12=6 वर्ष ही थी।

इस श्लोक को आधार बनाकर सीता जी की विवाह के समय आयु 6 वर्ष सिद्ध करने को हम रामायण आदि शास्त्रों से परीक्षा करेंगे।

1. जब ऋषि विश्वामित्र श्री राम और श्री लक्ष्मण को लेकर जनक राज के समक्ष पधारे तो उन्हें देखकर राजा जनक ने आश्चर्यचकित हो हाथ जोड़कर विश्वामित्र से पूछा – हे मुनिवर! गज और सिंह के समान चल वाले, देवताओं के समान पराक्रमी तथा अश्विनी कुमारों के समान सुन्दर, यौवन को प्राप्त कुमार कौन हैं।

सन्दर्भ – बालकाण्ड 50/17-19

इसी बालकाण्ड में सर्ग 48 राजा सुमति ने भी राम और लक्ष्मण को देखकर यौवन से भरपूर सुन्दर हथियार धारण किया हुआ कहा हैं।

(यहाँ श्री राम जी और श्री लक्ष्मण जी को कहाँ गया हैं। ऐसी अवस्था सुश्रत के अनुसार 25 वर्ष और की 16 वर्ष की आयु में ही होती हैं)

2. जब विश्वामित्र ने राजकुमारों की धनुष देखने की इच्छा व्यक्त की तो जनक ने सीता के विवाह के सन्दर्भ में धनुष भंग की चर्चा करते हुए कहा-

जब मेरी कन्या सीता वर्द्धमाना‘=प्राप्तयौवना हुई तो बहुत से राजा उसका हाथ माँगने आने लगे। पर सब असफल रहे।

सन्दर्भ – बालकाण्ड 66/15

(यहाँ सीता को यौवन प्राप्त युवती कहा गया हैं)

3. सीता ने अनसूया से कहा- पिता ने जब मेरी पति संयोग सुलभ अवस्था देखी तो उनको बड़ी चिंता हुई। मेरे पिता को वैसी ही चिंता हुई जैसा किसी दरिद्र के धन का नाश होने पर होती हैं।

सन्दर्भ- अयोध्या काण्ड118/34

(किसी भी पिता के मन में अपनी बेटी के विवाह की चिंता जब वह 6 वर्ष की होती हैं तब उत्पन्न होने का प्रश्न ही नहीं हैं)

4. अयोध्या पहुँचने पर सबसे मिलने- जुलने के बाद चारों राजकुमार अपनी अपनी पत्नियों को लेकर अपने अपने महल में रमण करने लगे।-अयोध्या काण्ड- 7/52

(6 वर्ष की राजकुमारी महलों में खेलने लायक होती हैं, न की पति के साथ रमण करने लायक!)

5. बालकाण्ड 6/29-31 में सीता की शारीरिक अवस्था को सम्पूर्ण युवती वाला बताया गया हैं।

6. तुलसी कृत रामचरितमानस में भी कहीं पर भी सीता जी की विवाह के समय आयु 6 वर्ष नहीं लिखी हैं।

इन सब से सिद्ध होता हैं की यह श्लोक मिलावटी हैं और

विवाह के समय श्री राम चन्द्र जी की आयु 15 वर्ष और सीता जी की आयु 6 वर्ष नहीं थी?

डॉ विवेक आर्य

1 comment:

  1. इमौ कुमारौ भद्रम् ते देव तुल्य पराक्रमौ || १-५०-१७
    गज तुल्य गती वीरौ शार्दूल वृषभ उपमौ |
    पद्म पत्र विशाल अक्षौ खड्ग तूणी धनुर् धरौ |
    अश्विनौ इव रूपेण समुपस्थित यौवनौ || १-५०-१८
    यदृच्छया एव गाम् प्राप्तौ देव लोकात् इव अमरौ |
    कथम् पद्भ्याम् इह प्राप्तौ किम् अर्थम् कस्य वा मुने || १-५०-१९

    17b, 18, 19. mune = oh, saint; te bhadram = you, be safe; deva tulya paraakramau = with god Vishnu, matching, in valour; gaja simha gatii = [like audacious] elephant, [like arrogant] lion, with strides; viirau = two valrous ones; shaarduula vR^iSabha upamau= [adventurous] tiger, [adamantine] Holy Bull, in similitude; padma patra vishaala akSau = lotus, petal, broad, eyed ones; khaDga tuuNii dhanuH dharau = sword, quiver, bow, wielding; ruupeNa ashvinau iva = by physique, Ashwin, the Twin-god brothers, like; sam upasthita yauvanau = in the offing, youthfulness is; deva lokaat = from gods', abode; yadR^icChayaa iva = = at their pleasure, as if; gaam praaptau = on earth, chanced; a marau = not, dying ones [deathless, immortals]; iva = as if like; imau kumaarau = these, youngsters; iha = here, to this place; padbhyaam = with two feet - by footslogging; katham = how; kim artham = what, for; praaptau = how, they chanced; kasya vaa = whose [scions,] are they.

    "These two youngsters, oh, sage, let safety betide you, striding like audacious elephants and arrogant lions, bearing a similitude to adventurous tigers and adamantine bulls, and wielding quivers, swords, and bows, are valorous with their valour matching that of Vishnu, and with their eyes broad like lotus-petals and with youthfulness in the offing they look like the exceptionally beautiful twin-gods, Ashwin-brothers, by their physique. How these two have footslogged and chanced here as though immortals have chanced on earth from the abode of gods at their pleasure? What for they have come here, and whose scions are they? [1-50-17b, 18, 19]

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